भाग A – MCQs
Q1. महाभारत के किरदार को पहचानें:
O एक निषाद था
O द्रोणाचार्य को गुरु मानता था
O गुरु दक्षिणा में अपना दाहिना अंगूठा देता था
विकल्प:
(a) घटोत्कच
(b) एकलव्य
(c) नकुल
(d) सहदेव
✔ सही जवाब: (b) एकलव्य
एक्सप्लेनेशन: एकलव्य एक निषाद राजकुमार था जो द्रोणाचार्य को अपना गुरु मानता था और गुरु दक्षिणा में अपना दाहिना अंगूठा काट देता था।
Q2. किसने कहा: “मेहनत से अपना मोक्ष खुद बनाओ”?
विकल्प:
(a) महावीर
(b) बुद्ध
(c) सिगला
(d) आनंद
✔ सही जवाब: (b) बुद्ध
एक्सप्लेनेशन: ये बुद्ध के आखिरी शब्द थे, जो खुद की कोशिश और डिसिप्लिन को बढ़ावा देते थे।
Q3. प्रभावती गुप्ता के बारे में सही बात:
विकल्प::
(a) वह एक गुप्ता रानी थीं।
(b) उसके पास रिसोर्स तक कोई एक्सेस नहीं था।
(c) उसने अमीर लोगों को ज़मीन दान की।
(d) वह चंद्रगुप्त II की बेटी थी।
✔ सही जवाब: (d) वह चंद्रगुप्त II की बेटी थी।
विकल्प: चंद्रगुप्त II की बेटी, प्रभावती गुप्ता, वाकाटक राज्य में संरक्षक के तौर पर राज करती थीं।
Q4. बुद्ध के बारे में सही बातें:
(i) शाक्य सरदार के बेटे
(ii) संघ में सुरक्षित परवरिश
(iii) ज़िंदगी की कड़वी सच्चाईयों की जानकारी
(iv) बूढ़े और बीमार आदमी को देखकर दुखी
विकल्प :
(a) (i) और (ii)
(b) (ii) और (iii)
(c) (i) और (iv)
(d) (ii) और (iv)
✔ सही जवाब: (c) (i) और (iv)
व्याख्या:
(i) सही — बुद्ध का जन्म शाक्य सरदार शुद्धोधन के घर हुआ था।
(ii) गलत — परवरिश घर पर हुई, संघ में नहीं।
(iv) सही — उन्होंने जो दुख देखा, उससे वे बहुत दुखी हुए।
Q5. बनावली ( एक हड़प्पा साइट) किस राज्य में है?
विकल्प :
(a) पंजाब
(b) हरियाणा
(c) हिमाचल प्रदेश
(d) उत्तराखंड
✔ सही जवाब: (b) हरियाणा
व्याख्या: बनावली हरियाणा के फतेहाबाद जिले में है।
Q6. ASI के पहले डायरेक्टर जनरल कौन थे?
विकल्प :
(a) जॉन मार्शल
(b) R.E.M. व्हीलर
(c) दया राम साहनी
(d) अलेक्जेंडर कनिंघम
✔ सही जवाब: (d) अलेक्जेंडर कनिंघम
व्याख्या: कनिंघम ने 1861 में ASI की स्थापना की और इसके पहले DG बने।
Q7. ब्राह्मी लिपि को किसने समझा?
विकल्प :
(a) हरिषेण
(b) मेगास्थनीज
(c) जेम्स प्रिंसेप
(d) कौटिल्य
✔ सही जवाब: (c) जेम्स प्रिंसेप
व्याख्या : 1837 में, प्रिंसेप ने ब्राह्मी को समझा, जिससे अशोक के शिलालेखों को पढ़ने में मदद मिली।
Q8. मुगल की भू – राजस्व प्रणाली थी—
विकल्प :
(a) इक्ता
(b) मनसबदारी बंदोबस्त
(c) अमर-नायक प्रणाली
(d) इजारेदारी प्रणाली
✔ सही जवाब: (b) मनसबदारी सिस्टम
विकल्प: मनसबदारी प्रणाली ने मुगल अधिकारियों को रैंक दी और सिविल-मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन को ऑर्गनाइज़ किया।
Q9. कौन सा यात्री कभी यूरोप वापस नहीं लौटा और भारत में बस गया?
विकल्प:
(a) बर्नियर
(b) मनुची
(c) डुआर्टे बारबोसा
(d) रॉबर्टो नोबिली
✔ सही जवाब: (b) मनुची
व्याख्या: निकोलाओ मनुची अपनी मौत तक भारत में रहे।
Q10. काल क्रम अनुसार व्यवस्थित करें:
(i) सलुवा की जगह तुलुवा ने ली
(ii) कृष्णदेव राय ने उड़ीसा को जीता
(iii) तालीकोटा की लड़ाई
(iv) विजयनगर की स्थापना
विकल्प:
(a) (iv), (i), (iii), (ii)
(b) (iv), (i), (ii), (iii)
(c) (iv), (iii), (ii), (i)
(d) (iv), (ii), (i), (iii)
✔ सही जवाब: (b) (iv), (i), (ii), (iii)
व्याख्या :
विजयनगर की स्थापना – 1336
सलुवा की जगह तुलुवा ने ली
उड़ीसा को कृष्णदेव राय ने जीता
तालीकोटा – 1565
Q11. बृहदीश्वर मंदिर कहाँ है —
विकल्प:
(a) बीजापुर
(b) बेलूर
(c) विजयनगर
(d) तंजावुर
✔ सही जवाब: (d) तंजावुर
व्याख्या: राजराजा चोल I ने तंजावुर में बनवाया था।
Q12. कथन: 16 वीं-17 वीं शताबादी मे कृषक समाज के बारे मे जानने का स्त्रोत आइन- ए – अकबरी है|
कारण: आइन-ए-अकबरी खेती, भू राजस्व एकत्र करने के तरीके और जमीदारों के साथ संबंध की जानकारी देता है।
विकल्प:
(a) A और R दोनों सही हैं, R, A को समझाता है
(b) A और R दोनों सही हैं, R, A को नहीं समझाता
(c) A सही है, R गलत है
(d) A गलत है, R सही है
✔ सही जवाब: (a)
व्याख्या: आइन-ए-अकबरी खेती, राजस्व और ज़मींदारों के बारे में बताता है—जो सीधे तौर पर दावे को समझाता है।
Q13. 1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में नेता कौन था?
विकल्प:
(a) बिरजिस क़द्र
(b) औरंगज़ेब
(c) बहादुर शाह ज़फ़र
(d) नाना साहेब
✔ सही जवाब: (a) बिरजिस क़द्र
विकल्प : बेगम हज़रत महल ने बिरजिस क़द्र को अवध का शासक घोषित किया।
Q14. नीचे दिए गए को मिलान करें:
(i) पांचवीं रिपोर्ट →
(ii) दक्कन दंगा आयोग →
(iii) दामिन-ए-कोह →
(iv) अमेरिकन गृह युद्ध् →
ऑप्शन:
(a) i-2, ii-1, iii-3, iv-4
(b) i-3, ii-2, iii-1, iv-4
(c) i-1, ii-4, iii-2, iv-3
(d) i-4, ii-3, iii-1, iv-2
✔ सही जवाब: (a)
विकल्प:
पांचवीं रिपोर्ट → रैयतवारी
दक्कन दंगा आयोग → ज़मींदारी
दामिन-ए-कोह → संथाल पुनर्वास
अमरीकी गृह युद्ध्→ कपास मे तेजी
Q15. गांधीजी के राजनीतिक गुरु कौन थे?
विकल्प:
(a) दादाभाई नौरोजी
(b) लाला लाजपत राय
(c) गोपाल कृष्ण गोखले
(d) बाल गंगाधर तिलक
✔ सही जवाब: (c) गोपाल कृष्ण गोखले
व्याख्या: गांधी गोखले को अपना पॉलिटिकल मेंटर मानते थे।
Q16. ‘ऑब्जेक्टिव रेजोल्यूशन’ किसने पेश किया?
विकल्प:
(a) डब्ल्यू.सी. बनर्जी
(b) जी.बी. पंत
(c) के.एम. मुंशी
(d) जवाहरलाल नेहरू
✔ सही जवाब: (d) जवाहरलाल नेहरू
व्याख्या: दिसंबर 1946 में पेश किया गया, प्रिएंबल की नींव।
Q17. किसकी सलाह पर गांधी ने पूरे भारत में एक साल की यात्रा की?
विकल्प:
(a) बाल गंगाधर तिलक
(b) बिपिन चंद्र पाल
(c) लाला लाजपत राय
(d) गोपाल कृष्ण गोखले
✔ सही जवाब: (d) गोपाल कृष्ण गोखले
व्याख्या: गोखले ने गांधी को पॉलिटिक्स में आने से पहले भारत के बारे में स्टडी करने की सलाह दी थी।
Q18. गांधीजी ने चरखे को प्रतीक के तौर पर क्यों चुना?
विकल्प:
(a) सच्चाई का प्रतीक
(b) गरीबों का प्रतीक
(c) इंसानी समाज का प्रतीक
(d) आत्मनिर्भरता का प्रतीक
✔ सही जवाब: (d) आत्मनिर्भरता का सिंबल
व्याख्या: चरखा आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और आर्थिक आज़ादी को दिखाता था।
Q19. 1857 के विद्रोह के नेता की पहचान करें:
दिल्ली के आखिरी मुगल शासक ने लेजिटिमेसी दी।
विकल्प:
(a) बहादुर शाह ज़फ़र
(b) शाह आलम
(c) मुहम्मद शाह
(d) वाजिद अली शाह
✔ सही जवाब: (a) बहादुर शाह ज़फ़र
व्याख्या: विद्रोहियों ने उन्हें अपना सिंबॉलिक लीडर घोषित किया।
Q20. प्रारूप समिति (ड्राफ्टिंग कमेटी ) के चेयरमैन?
विकल्प:
(a) डॉ. बी.आर. अंबेडकर
(b) महात्मा गांधी
(c) सरदार पटेल
(d) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
✔ सही जवाब: (a) डॉ. बी.आर. अंबेडकर
व्याख्या : अंबेडकर ने कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली की ड्राफ्टिंग कमेटी को हेड किया था।
Q21. चित्र को पहचाने :

ये जलाशय कहाँ है?
विकल्प:
(a) धोलावीरा
(b) लोथल
(c) हड़प्पा
(d) बालाकोट
✔ सही जवाब: (a) धोलावीरा में रिज़र्वॉयर
व्याख्या: धोलावीरा पत्थर की चिनाई से बने अपने बड़े पानी के जलाशय के लिए मशहूर है।
सेक्शन B – लघु उत्तर वाले सवाल
Q22. हड़प्पा सभ्यता के बारे में जानने के लिए कोई तीन स्रोत बताएं।
उत्तर :
- पुरातात्विक (आर्कियोलॉजिकल) खुदाई: हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, धोलावीरा, कालीबंगन, लोथल वगैरह जगहों से इमारतों, गलियों, मुहरों, मिट्टी के बर्तनों, औजारों, गहनों और दूसरी चीज़ों के बचे हुए हिस्सों से जानकारी मिलती है।
- मुहरें और सील: हड़प्पा की मुहरों पर बनी तस्वीरें, जानवरों के डिज़ाइन और निशान, व्यापार, एडमिनिस्ट्रेशन, धार्मिक विश्वासों और लिखने के सिस्टम के बारे में सुराग देते हैं।
- वज़न, माप और औजार: स्टैंडर्ड वज़न, माप और एक जैसे औजार उनके वैज्ञानिक तरीके, व्यापार की कुशलता और तकनीक में तरक्की को दिखाते हैं।
या
हड़प्पा के जल निकास प्रणाली (ड्रेनेज सिस्टम) की कोई तीन खासियतें बताएं।
उत्तर:
- बहुत ज़्यादा प्लान किया हुआ सिस्टम: हर घर में एक प्राइवेट या पब्लिक ड्रेन का एक्सेस था; नालियां ग्रिड पैटर्न को फॉलो करते हुए सीधी लाइनों में बनाई गई थीं।
- ढकी हुई नालियां: नालियों को पत्थर के स्लैब से ढका जाता था; सफाई और रखरखाव के लिए जांच के लिए छेद बनाए जाते थे।
- इंटरलॉकिंग ईंटें: लीकेज को रोकने के लिए इंटरलॉकिंग तरीके से अच्छी तरह पकी हुई ईंटों से नालियां बनाई जाती थीं, जो इंजीनियरिंग स्किल दिखाती हैं।
Q23. “मगध सबसे ताकतवर महाजनपद था।” इस बात की जांच करें।
उत्तर :
- उपजाऊ ज़मीन और संसाधन: गंगा के मैदानों में स्थित, मगध में उपजाऊ मिट्टी, बहुत सारा आयरन ओर और लकड़ी थी—जो खेती और मिलिट्री बढ़ाने में मददगार थी।
- मजबूत शासक और एडमिनिस्ट्रेशन: बिंबिसार, अजातशत्रु और बाद में नंद जैसे राजाओं ने राजगृह और पाटलिपुत्र जैसी मजबूत सेनाएं, सड़कें और किलेबंद राजधानियां बनाईं।
- स्ट्रेटेजिक लोकेशन: ज़रूरी ट्रेड रूट और नदियों (गंगा और सोन) के पास स्थित, मगध ट्रेड और ट्रांसपोर्टेशन को अच्छे से कंट्रोल कर सकता था।
Q24. कार्ल मार्क्स के बताए गए एशियाई प्रोडक्शन मोड के कॉन्सेप्ट का विश्लेषण करें।
उत्तर :
- स्टेट-कंट्रोल्ड ज़मीन: मार्क्स ने कहा कि एशियाई समाजों में, ज़मीन पर सरकार का मालिकाना हक होता था, किसी एक व्यक्ति का नहीं; किसान सरकारी ज़मीन पर काम करते थे और टैक्स देते थे।
- सेंट्रलाइज़्ड अथॉरिटी: सरकार सिंचाई, पानी के रिसोर्स और बड़े पब्लिक कामों को कंट्रोल करती थी, जिससे एक मज़बूत सेंट्रलाइज़्ड पॉलिटिकल स्ट्रक्चर बना।
- प्राइवेट प्रॉपर्टी की कमी: ज़मीन पर प्राइवेट मालिकाना हक न होने से सोशल मोबिलिटी कम हुई और आज़ाद ज़मीन वाले लोग नहीं बन पाए।
Q25. विजयनगर साम्राज्य के पानी के स्रोतों की खासियतें बताएं।
जवाब:
- बड़े टैंक और तालाब: राजाओं ने खेती के लिए बारिश का पानी जमा करने के लिए कमलापुरम टैंक और बुक्कासागर टैंक जैसे बड़े टैंक बनवाए।
- सिंचाई के लिए अच्छे चैनल: खेतों की सिंचाई के लिए तुंगभद्रा नदी से चैनल खोदे गए; पानी के रेगुलेशन के लिए डैम और तटबंध बनाए गए।
- कम्युनिटी की भागीदारी: लोकल मुखिया और मंदिर के अधिकारी सिंचाई के कामों को बनाए रखने में मदद करते थे, जिससे राज्य-कम्युनिटी का मिला-जुला मैनेजमेंट दिखता था।
Q26. “जोतदारों की ताकत ज़मींदारों से ज़्यादा असरदार थी।” सही ठहराएँ।
जवाब:
- लोकल किसानों पर कंट्रोल: जोतदार गाँव के समाज को कंट्रोल करते थे; किसान लोन, बीज और सुरक्षा के लिए उन पर निर्भर थे, जिससे उन्हें असल अधिकार मिलता था।
- ज़मीन पर बड़ा कंट्रोल: कई जोतदारों के पास बड़ी ज़मीनें थीं और उन्होंने उन्हें बटाईदारों (बरगादारों) को लीज़ पर दे दिया, जिससे उनका आर्थिक कंट्रोल बढ़ गया।
- कॉलोनियल अधिकारियों पर असर: जोतदार अक्सर किसानों और ब्रिटिश रेवेन्यू अधिकारियों के बीच बिचौलिए का काम करते थे; उनका लोकल असर दूर के ज़मींदारों से ज़्यादा था।
Q27. “कला और साहित्य ने 1857 की याद को ज़िंदा रखने में मदद की।” समझाएँ।
जवाब:
- पेंटिंग और विज़ुअल्स: कलाकारों ने रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब और कुंवर सिंह जैसे हीरो को बहादुरी के सिंबल के तौर पर दिखाया।
- कविता और लोकगीत: लोकल कविताओं और लोक परंपराओं ने बागियों के बलिदान का जश्न मनाया, जिससे आम लोगों के बीच उनकी याद ज़िंदा रही।
- नॉवेल और लेख: “झांसी की रानी” जैसी साहित्यिक रचनाओं और दूसरी क्षेत्रीय रचनाओं ने देशभक्ति की भावनाएँ पैदा कीं और विरोध की कहानियों को बचाकर रखा।
या
“अफवाहों और भविष्यवाणियों ने 1857 के विद्रोह में अहम भूमिका निभाई।” समझाएँ।
जवाब:
- कार्ट्रिज की अफवाह: यह अफवाह कि नई एनफील्ड राइफल के कार्ट्रिज में गाय और सुअर की चर्बी लगी हुई है, इससे हिंदू और मुस्लिम सैनिकों में डर पैदा हो गया, जिससे विद्रोह भड़क उठा।
- ब्रिटिश राज के खत्म होने की भविष्यवाणी: यह विश्वास फैल गया कि 100 साल (1757–1857) बाद ब्रिटिश राज खत्म हो जाएगा, जिससे देसी राज्यों के लौटने की उम्मीद जगी।
- मैसेज का सर्कुलेशन: गांवों में चपातियां, कमल के फूल और सीक्रेट सिग्नल बांटे गए, जिससे एकता और बगावत का माहौल बना।
भाग C – दीर्घ उत्तर वाले प्रश्न
Q28. महाभारत शुरुआती सामाजिक रीति-रिवाजों और नियमों को समझने के लिए एक बहुत कीमती सोर्स है। सही ठहराएँ।
उत्तर :
- सामाजिक ढांचे के बारे में बताता है: वर्ण व्यवस्था, ब्राह्मणों, क्षत्रियों, वैश्यों और शूद्रों के कामों की जानकारी देता है।
- रिश्तेदारी के रिश्ते: खानदान, शादी के नियम, विरासत और परिवार के रिश्ते जैसे पितृसत्तात्मकता के बारे में बताता है।
- महिलाओं की स्थिति: महिलाओं की भूमिकाओं, स्वयंवर, एक से ज़्यादा पति रखने (पांडव और द्रौपदी) और विधवा विवाह जैसी प्रथाओं के बारे में जानकारी देता है।
- राजनीतिक रीति-रिवाज: राजशाही, शाही रस्मों, राज्याभिषेक, कूटनीति और युद्ध की रणनीतियों के बारे में बताता है।
- आर्थिक जीवन: खेती, मवेशी पालन, शिल्प उत्पादन और तोहफ़ा (दान) देने का ज़िक्र करता है।
- धार्मिक विचार: धर्म, कर्म, रीति-रिवाज, बलिदान और दार्शनिक बहसों पर रोशनी डालता है।
- संघर्ष और कानून: युद्ध के नियम, न्याय और अर्जुन और युधिष्ठिर जैसे किरदारों के सामने आने वाली नैतिक दुविधाओं के बारे में बताता है।
- सांस्कृतिक मूल्य: शुरुआती भारतीय समाज के कर्तव्य, सम्मान, वफादारी, मेहमाननवाज़ी और सामाजिक नैतिकता के आदर्शों को दिखाता है।
या
इतिहासकार किताबों का विश्लेषण करते समय किन बातों पर ध्यान देते हैं? महाभारत के संदर्भ में समझाएँ।
उत्तर :
- लेखक: इतिहासकार यह देखते हैं कि किताब किसने लिखी और क्या महाभारत की तरह इसके कई लेखक थे (व्यास + बाद में जोड़े गए)।
- तारीख और समय: वे यह तय करते हैं कि अलग-अलग हिस्से कब लिखे गए थे; महाभारत 5वीं सदी BCE और 5वीं सदी CE के बीच लिखी गई थी।
- भाषा और स्टाइल: संस्कृत की वोकैबुलरी, ग्रामर और कविता के रूप की पढ़ाई से लिखने का समय और मकसद समझने में मदद मिलती है।
- कंटेंट और थीम: टेक्स्ट में मिली लड़ाइयों, रस्मों, रिश्तेदारी, धर्म और पॉलिटिकल आइडियल्स का एनालिसिस।
- ऑडियंस: हिस्टोरियन इस बात पर विचार करते हैं कि टेक्स्ट किसके लिए लिखा गया था — राजाओं, ब्राह्मणों या आम लोगों के लिए।
- लिखने का मकसद: क्या टेक्स्ट नैतिक मूल्यों को सिखाना था, इतिहास रिकॉर्ड करना था या सोशल ऑर्डर को सही ठहराना था।
- इंटरपोलेशन/जोड़: महाभारत में बाद में कई जोड़ हैं; हिस्टोरियन पुरानी और नई लेयर्स की पहचान करते हैं।
- दूसरे सोर्स से तुलना: समाज को सही ढंग से समझने के लिए आर्कियोलॉजी, शिलालेखों और दूसरे लिटरेचर से क्रॉस-चेकिंग।
Q29. उन सबूतों की जांच करें जो बताते हैं कि मुगल फाइनेंशियल सिस्टम के लिए लैंड रेवेन्यू ज़रूरी था।
उत्तर :
- प्राइमरी सोर्स – आइन-ए-अकबरी: अबुल फजल की आइन में अकबर के अंडर लैंड रेवेन्यू सिस्टम का डिटेल्ड डिस्क्रिप्शन दिया गया है।
- मेज़रमेंट के आधार पर असेसमेंट: ज़मीनों को बीघा और गज का इस्तेमाल करके मापा जाता था; प्रोडक्टिविटी से रेवेन्यू तय होता था।
- ज़बती सिस्टम: इस सिस्टम में रेवेन्यू एवरेज प्रोड्यूस का एक-तिहाई इकट्ठा किया जाता था, जो इसकी सेंट्रल भूमिका दिखाता है।
- कैश डिमांड: रेवेन्यू अक्सर कैश में इकट्ठा किया जाता था, जिससे एक मज़बूत सेंट्रल ट्रेजरी बनती थी।
- आमिल और कानूनगो की भूमिका: ये अधिकारी ज़मीन के रिकॉर्ड की देखरेख करते थे, जिससे रेवेन्यू की एडमिनिस्ट्रेटिव अहमियत कन्फर्म होती है।
- जागीर सिस्टम: ज़्यादातर मनसबदारों को रेवेन्यू असाइनमेंट (जागीर) के ज़रिए पेमेंट किया जाता था, जो ज़मीन की इनकम पर उनकी निर्भरता दिखाता है।
- मुख्य इकॉनमी के तौर पर खेती: क्योंकि ज़्यादातर लोग किसान थे, इसलिए ज़मीन एम्पायर के लिए दौलत का मुख्य सोर्स थी।
- स्टेट का दखल: ज़्यादा एग्रीकल्चरल आउटपुट पक्का करने के लिए स्टेट ने सिंचाई और प्रोटेक्शन में इन्वेस्ट किया, जिससे यह साबित होता है कि रेवेन्यू एम्पायर की बैकबोन थी।
या
मुगल कृषक समाज में ज़मींदारों की हालत समझाएँ।
उत्तर:
- खानदानी मालिक: ज़मींदारों के पास ज़मीन पर खानदानी हक थे और उन्हें सोशल इज्जत मिली हुई थी।
- रेवेन्यू इकट्ठा करना: वे किसानों से रेवेन्यू इकट्ठा करते थे और अपने लिए एक हिस्सा रखते थे।
- मिलिट्री सपोर्ट: कई ज़मींदारों ने हथियारबंद समर्थक रखे और लोकल मिलिट्री फोर्स के तौर पर काम किया।
- राज्य और किसानों के बीच बिचौलिए: शाही अधिकारियों और गांववालों के बीच एक कड़ी का काम किया।
- लोकल रिसोर्स पर कंट्रोल: जंगलों, चरागाहों और गांव की आम ज़मीनों का मैनेजमेंट किया।
- राज्य के साथ झगड़े: कभी-कभी रेवेन्यू देने से मना कर दिया या बगावत कर दी, जिससे अस्थिरता पैदा हुई।
- अलग-अलग कैटेगरी: इसमें ताकतवर सरदार, गांव के मुखिया और लोकल दबदबे वाली जातियां शामिल थीं।
- सोशल अथॉरिटी: उन्होंने लोकल रीति-रिवाजों पर असर डाला, मज़दूरों को कंट्रोल किया और झगड़े सुलझाए।
Q30. “भारत छोड़ो आंदोलन सच में एक जन आंदोलन था।” सही ठहराएं।
उत्तर :
- देश भर में भागीदारी: शहरों, गांवों और रियासतों में फैला हुआ जिसमें सभी इलाकों के लोग शामिल थे।
- लीडरलेस स्ट्रगल: टॉप लीडर्स की गिरफ्तारी के बाद, आम लोगों ने बड़ी पहल दिखाते हुए आंदोलन को लीड किया।
- मज़दूर और किसान एक्टिव: रेलवे मज़दूरों, मिल मज़दूरों और किसानों ने कॉलोनियल राज की निशानियों पर हमला किया।
- युवा और छात्र: छात्रों ने स्कूल और कॉलेजों का बॉयकॉट किया, अंडरग्राउंड नेटवर्क बनाए।
- महिलाओं की भागीदारी: अरुणा आसफ़ अली और उषा मेहता जैसी महिलाओं ने लीडिंग रोल निभाए (जैसे, कांग्रेस रेडियो)।
- तोड़-फोड़ और पैरेलल सरकारें: बलिया, तमलुक और सतारा में पैरेलल सरकारों की स्थापना।
- बड़े पैमाने पर हड़तालें: हड़तालें, हड़तालें, नो-टैक्स कैंपेन ने मिलकर विरोध दिखाया।
- ब्रिटिश दमन: बहुत ज़्यादा दमन ने आंदोलन की ताकत और बड़े पैमाने पर शामिल होने को दिखाया।
या
गांधीजी के पॉलिटिकल करियर और नेशनल मूवमेंट को फिर से बनाने के सोर्स।
जवाब :
- ऑटोबायोग्राफिकल राइटिंग्स: “माई एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथ” गांधी के विचारों के बारे में पर्सनल जानकारी देती है।
- ऑफिशियल रिकॉर्ड: ब्रिटिश सरकार की रिपोर्ट, इंटेलिजेंस फाइलें और एडमिनिस्ट्रेटिव लेटर उनकी एक्टिविटीज़ को डॉक्यूमेंट करते हैं।
- आजकल के अखबार: यंग इंडिया, हरिजन, इंडियन ओपिनियन और दूसरे पेपर उनके भाषण, आइडिया और रिएक्शन देते हैं।
- प्राइवेट कॉरेस्पोंडेंस: गांधी, नेहरू, पटेल और दूसरों के बीच के लेटर अंदरूनी बहसों को दिखाते हैं।
- यादें और बायोग्राफी: नेहरू, राजाजी और दूसरे फ्रीडम फाइटर्स की लिखी बातें नज़रिया देती हैं।
- फोटो और विज़ुअल: मार्च, प्रोटेस्ट और मीटिंग की इमेज पब्लिक मोबिलाइज़ेशन दिखाती हैं।
- ओरल ट्रेडिशन: पार्टिसिपेंट्स के इंटरव्यू और यादें घटनाओं को फिर से बनाने में मदद करती हैं।
- आर्काइवल डॉक्यूमेंट: कांग्रेस सेशन, रेज़ोल्यूशन और प्रोसीडिंग्स के रिकॉर्ड फैक्ट्स वाले सबूत देते हैं।
सेक्शन D
(सोर्स पर आधारित सवाल)
दिया गया सोर्स पढ़ें और नीचे दिए गए सवालों के जवाब दें:
रिश्तेदार क्यों झगड़ते थे
यह संस्कृत महाभारत के आदि पर्व (असल में, पहला सेक्शन) का एक हिस्सा है, जिसमें बताया गया है कि कौरवों और पांडवों के बीच झगड़े क्यों हुए:
कौरव… धृतराष्ट्र के बेटे थे, और पांडव… उनके चचेरे भाई थे। क्योंकि धृतराष्ट्र अंधे थे, इसलिए उनके छोटे भाई पांडु हस्तिनापुर की गद्दी पर बैठे (मैप 1 देखें)… हालांकि, पांडु की असमय मौत के बाद, धृतराष्ट्र राजा बने, क्योंकि शाही राजकुमार अभी बहुत छोटे थे। जैसे-जैसे राजकुमार एक साथ बड़े हुए, हस्तिनापुर के नागरिक पांडवों को पसंद करने लगे, क्योंकि वे कौरवों से ज़्यादा काबिल और अच्छे थे। इससे कौरवों में सबसे बड़े दुर्योधन को जलन होने लगी। वह अपने पिता के पास गया और कहा, “आपको खुद राजगद्दी नहीं मिली, हालाँकि यह आपके दोष के कारण आपको मिली। अगर पांडव को पांडु से विरासत मिलती है, तो उनके बेटे को ज़रूर विरासत मिलेगी, और उनके बेटे को भी, और उनके बेटे को भी। हम खुद अपने बेटों के साथ शाही उत्तराधिकार से बाहर हो जाएँगे और दुनिया की नज़रों में, धरती के मालिक, हमारी कोई इज़्ज़त नहीं रहेगी!”
इस तरह के हिस्से शायद सचमुच सच न हों, लेकिन इनसे हमें अंदाज़ा होता है कि इसे लिखने वालों ने क्या सोचा होगा। कभी-कभी, जैसा कि इस मामले में है, इनमें अलग-अलग विचार होते हैं।
31.1 हस्तिनापुर में एक साथ बड़े हो रहे पांडवों से दुर्योधन को किस बात से जलन होती थी? (1)
जवाब :
हस्तिनापुर के लोग पांडवों को ज़्यादा पसंद करते थे क्योंकि वे ज़्यादा काबिल और नेक थे, जिससे दुर्योधन को जलन होती थी।
31.2 दुर्योधन के अनुसार, अगर पांडवों को राजगद्दी विरासत में मिली तो उसका और उसके वंशजों का क्या होगा? (1)
जवाब :
दुर्योधन का मानना था कि उसे और उसके वंशजों को शाही उत्तराधिकार से बाहर कर दिया जाएगा और दुनिया की नज़रों में उनकी इज़्ज़त कम हो जाएगी।
31.3 यह हिस्सा हमें इस बारे में क्या बताता है कि महाभारत के लेखक शाही परिवारों में पावर, विरासत और जलन को कैसे देखते थे? (2)
जवाब :
पावर के लिए विरासत ज़रूरी थी: लेखक दिखाते हैं कि शाही अधिकार काफी हद तक राजगद्दी के सही उत्तराधिकार और विरासत पर निर्भर करता था। जलन और दुश्मनी आम थी: टेक्स्ट से पता चलता है कि रिश्तेदारों के बीच जलन, खासकर उत्तराधिकार को लेकर, अक्सर शाही परिवारों में झगड़े का कारण बनती थी।
Q32. दिए गए सोर्स को पढ़ें और नीचे दिए गए सवालों के जवाब दें:
टैंक कैसे बनाए गए थे
कृष्णदेव राय के बनाए एक टैंक के बारे में, पेस ने लिखा:
राजा ने एक टैंक बनवाया… दो पहाड़ियों के मुहाने पर ताकि एक तरफ या दूसरी तरफ से आने वाला सारा पानी वहीं इकट्ठा हो जाए; और, इसके अलावा, तीन लीग (लगभग 15 किलोमीटर) से ज़्यादा दूर से पाइपों से पानी आता है जो बाहर की तरफ पहाड़ के निचले हिस्सों से होकर जाते हैं। यह पानी एक झील से लाया जाता है जो खुद एक छोटी नदी में बह जाती है। टैंक में तीन बड़े खंभे हैं जिन पर सुंदर नक्काशी की गई है; ये ऊपर कुछ पाइपों से जुड़े हैं जिनसे उन्हें अपने बगीचों और चावल के खेतों में सिंचाई के लिए पानी मिलता है। इस टैंक को बनाने के लिए उस राजा ने एक पहाड़ी तोड़ दी… टैंक में मैंने इतने सारे लोगों को काम करते देखा कि वहाँ पंद्रह या बीस हज़ार आदमी रहे होंगे, जो चींटियों जैसे दिख रहे थे…
32.1 पेस के अनुसार, कृष्णदेव राय ने टैंक कहाँ बनवाया था? (1)
जवाब :
कृष्णदेव राय ने दो पहाड़ियों के मुहाने पर तालाब बनवाया, जहाँ दोनों तरफ का पानी इकट्ठा हो सकता था।
32.2 पाइप के ज़रिए तालाब तक पानी कितनी दूर से लाया जाता था? (1)
जवाब :
पाइप के ज़रिए तीन लीग (लगभग 15 किलोमीटर) से ज़्यादा दूर से पानी लाया जाता था।
32.3 तालाब बनाने में कितने लोग शामिल थे? वे कैसे दिखते थे? (2)
जवाब :
तालाब बनाने में पंद्रह से बीस हज़ार लोग शामिल थे।
पेस ने उनकी बहुत ज़्यादा संख्या के कारण उन्हें “चींटियों जैसा” बताया है।
Q 33. दिए गए सोर्स को पढ़ें और नीचे दिए गए सवालों के जवाब दें:
“असली माइनॉरिटी इस देश की आम जनता है”
जवाहरलाल नेहरू के पेश किए गए ऑब्जेक्टिव्स रेज़ोल्यूशन का स्वागत करते हुए, एन.जी. रंगा ने कहा:
सर, माइनॉरिटी के बारे में बहुत बातें होती हैं। असली माइनॉरिटी कौन हैं? तथाकथित पाकिस्तान प्रांतों के हिंदू नहीं, सिख नहीं, मुसलमान भी नहीं। नहीं, असली माइनॉरिटी इस देश की आम जनता है। ये लोग अब तक इतने दबे-कुचले और दबाए हुए हैं कि वे आम सिविल राइट्स का फ़ायदा नहीं उठा पा रहे हैं। क्या स्थिति है? आप आदिवासी इलाकों में जाएं। कानून के मुताबिक, उनके अपने पारंपरिक कानून, उनके आदिवासी कानून के मुताबिक, उनकी ज़मीनें छीनी नहीं जा सकतीं। फिर भी हमारे व्यापारी वहां जाते हैं, और तथाकथित फ्री मार्केट में वे उनकी ज़मीनें छीन लेते हैं। इस तरह, भले ही कानून उनकी ज़मीन छीनने के खिलाफ़ है, फिर भी व्यापारी आदिवासी लोगों को कई तरह के बॉन्ड से असली गुलाम बना लेते हैं, और उन्हें खानदानी गुलाम बना लेते हैं। चलिए आम गांव वालों के पास चलते हैं। वहां साहूकार अपने पैसे लेकर जाता है और गांव वालों को अपनी जेब में डाल लेता है। वहां खुद जमींदार, ज़मींदार, मालगुज़ार और कई दूसरे लोग हैं जो इन गरीब गांव वालों का शोषण कर सकते हैं। इन लोगों में तो बेसिक पढ़ाई भी नहीं है। ये असली माइनॉरिटी हैं जिन्हें सुरक्षा और सुरक्षा के भरोसे की ज़रूरत है। उन्हें ज़रूरी सुरक्षा देने के लिए, हमें इस रेज़ोल्यूशन से कहीं ज़्यादा की ज़रूरत होगी…
CAD, VOL.II
33.1 एन.जी. रंगा के अनुसार, भारत में असली अल्पसंख्यक कौन थे?
उत्तर :
असली अल्पसंख्यक भारत की आम जनता थी—गरीब, दबे-कुचले, आदिवासी लोग, और भूमिहीन गांववाले जिनके पास मूलभूत अधिकार और शिक्षा नहीं थी।
33.2 रंगा के अनुसार, आम गांववालों का शोषण कैसे होता था?
उत्तर :
आम गांववालों का शोषण साहूकारों, ज़मींदारों, ज़मींदारों और मालगुज़ारों ने किया, जिन्होंने उन्हें कर्ज़ में फंसाया और उनकी रोज़ी-रोटी पर कंट्रोल किया।
33.3 रंगा ने असली माइनॉरिटी की सुरक्षा के लिए क्या ज़रूरी बताया?
उत्तर :
० उन्होंने सुझाव दिया कि असली माइनॉरिटी को रेज़ोल्यूशन में दिए गए अधिकारों से ज़्यादा मज़बूत सुरक्षा और अधिकारों की गारंटी की ज़रूरत है।
० उन्होंने तर्क दिया कि शोषण को रोकने और उनकी आर्थिक और सामाजिक तरक्की पक्की करने के लिए ज़्यादा सुरक्षा और असरदार उपाय ज़रूरी थे।
सेक्शन E
Q34. मैप पर आधारित सवाल:
34.1 भारत के दिए गए पॉलिटिकल मैप पर, नीचे दी गई जगहों को सही सिंबल से ढूंढें और लेबल करें:
a. लोथल- एक हड़प्पा साइट
b. बोधगया- एक बौद्ध साइट
c. लखनऊ- 1857 के विद्रोह का सेंटर
या
कोलकाता- 1857 के विद्रोह का सेंटर

34.2 उसी आउटलाइन मैप पर, दो जगहों को A और B के तौर पर मार्क किया गया है, जो भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के सेंटर हैं। उन्हें पहचानें और उनके पास खींची गई लाइनों पर उनके सही नाम लिखें। 2
नोट: नीचे दिए गए सवाल सिर्फ़ देखने में दिक्कत वाले कैंडिडेट्स के लिए Q.No.34 की जगह पर हैं।
34.1 किन्हीं दो मुख्य बौद्ध स्थलों के नाम बताइए। (2)
उत्तर: सारनाथ , बोधगया
(सांची, कुशीनगर, लुंबिनी जैसे कोई दो सही बौद्ध स्थल भी स्वीकार किए जा सकते हैं।)
34.2 अशोक साम्राज्य के तहत किसी एक क्षेत्र का नाम बताइए। (1 )
उत्तर: कलिंग
(अन्य स्वीकार्य जवाब: तक्षशिला, उज्जैन, पाटलिपुत्र, गांधार, कर्नाटक क्षेत्र, आदि।)
34.3 प्राचीन भारत के किन्हीं दो महाजनपदों के नाम बताइए। (2)
उत्तर: मगध , कोशल
(वत्स, अवंती, वज्जि, कुरु, पांचाल जैसे कोई दो महाजनपद भी स्वीकार किए जा सकते हैं।)






Asan
सैंपल पेपर है